About Us – Solarway
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About - Solarway

सोलरवे अनुसंधान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, शिक्षा, चिकित्सा, गुणवत्ता प्रणाली, सेवाओं, क्षमता, निर्माण एवं अन्य संबंधित क्षेत्रों सहित कई मोर्चा पर अपनी खोज एवं गुणवत्ता प्रणाली के माध्यम से पिछले 11 वर्षों से सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हरियाणा में अग्रणी रूप से होने का विशेषाधिकार रखता है सोलरवे ने अपने ग्राहको और समुदाय को बेहतर सौर ऊर्जा केवल बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए अहम नहीं है यह हमारे जीवन की अनेक जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है। ऊर्जा हमारे समाज के अस्तित्व एवं विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व बन चुका है। और ऊर्जा की पर्याप्त आपूर्ति ना होने पर मानव आकांक्षाएँ पूरी नही हो सकती है। ऊर्जा और समृ( में कितना अधिक संबंध है इसकी झलक विकसित देशों एवं विकासशील देशों के जीवनस्तर को देखने से मिल जाती है। विकसित देशो में ऊर्जा की प्रति व्यक्ति खपत 5 से 11 किलोवाट है जबकि विकासशील देशों में यह केवल 1 से 15 किलोवाट के बीच है। ऊर्जा की खपत का विश्वस्तरीय औसत 2 किलोवाट है। यह ऊर्जा बिजली, ताप, प्रकाश, यांत्रिक ऊर्जा, रायसनिक ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल की जाती है। सोलरवे के इस फार्मूले ने हम सबके लिए चमकते हुए सूरज के बेहतर इस्तेमाल का रोड मैप दिया है। जहाँ पर भी सौर क्रांति तेज होगी वहाँ रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे। मैं सभी उद्योग धारकों, सहयोगियों, प्रौद्योगिकी नेताओं और संबंधित उद्योग के दिग्गजों को एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में सौर ऊर्जा के माध्यम से सुरक्षित और स्वच्छ ऊर्जा के संयुक्त मिशन के हाथों में शामिल होने के लिए आमन्त्रित करता है।

सौर ऊर्जा

प्रड्डति मानव के प्रति कभी भी कूट नहीं रही है। सच तो यह है कि वह मनुष्य को अपनी विभिन्न जरूरतों पूरी करने के लिए कई तरह की सामग्री और साधन उपलब्ध करा रही है। सौर ऊर्जा भी इसी श्रेणी में आती है। किन्तु हमे प्रचुर मात्रा में उपलब्ध सौर ऊर्जा का लाभ उठाने के लिए कडी मेहनत करनी होगी तथा प्रकृति के गुप्त तथ्यों का पता लगाना होगा। सौर ऊर्जा टैक्नोलॉजी के विकास तथा उनके उपयोग के संबंध में सोलरवे में पिछले 11 वर्षों गहन अध्यन्न चल रहा है। इस दौरान अति महत्वपूर्ण तथ्य एवं अनुभव एकत्रित कर लिए गए है। सोलरवे के सहयोग से सौर ऊर्जा के उपयोग के विभिन्न क्षेत्रो में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियाँ बैठकर ही प्राप्त किया जा सकता है।

सौर ऊर्जा पर जोर देकर ही ग्लोबल वार्मिंग पर काबू पाया जा सकता है उम्मीद है कि इस साल के अंत तक दायरे में आने वाले संसार के अधिकतर देश स्वस्थ बन जाऐंगे। अब तक संसार के 58 देश इसके सदस्य बन चुके है। इसके दायरे में 121 देश आते है जो कि कर्क एवं मकर रेखा के बीच है। 30 नवम्बर 2015 को पेरिस में आयोजित सम्मेलन आई एस ए ;अंर्तराष्ट्रीय सोलर अलाइंसद्ध में आयोजित सम्मेलन में आई एस ए अस्तित्व में आया था। इसका मुख्यालय गुरूग्राम-फरीदाबाद रोड़ स्थित राष्ट्रीय और ऊर्जा संस्थान के सूर्य भवन में बनाया गया है।

आईये सोलरवे के साथ मिलकर सोलर के देश के कोने-कोने तक पहुँचाने में देश-हित में योगदान करें। इस सोलर मिशन को सामाजिक दायित्व समझ कर सहयोग करे।